![]() |
कार्यक्रम में मंचासीन मुख्य अतिथि, अध्यक्ष एवं विशिष्ट अतिथि
रावणा की आवाज़ न्यूज़, किशनगढ़। रिपोर्ट – भैरुसिंह चौहान - देशभक्ति और समाज सेवा की अनूठी मिसाल रविवार को किशनगढ़ में देखने को मिली। सरवाड़ी गेट स्थित समाज भवन में रावणा राजपूत महासभा संस्थान और भारतीय राजपूत सभा संस्था के संयुक्त तत्वावधान में हैफा हीरो मेजर दलपत सिंह देवली के 107वें बलिदान दिवस पर भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस अवसर पर एक ओर जहां विशाल रक्तदान शिविर आयोजित किया गया, वहीं समाज के भविष्य निर्माण हेतु अविवाहित युवक-युवतियों का वैवाहिक परिचय सम्मेलन भी संपन्न हुआ।
✦ हैफा युद्ध का शौर्य और मेजर दलपत सिंह का बलिदान
1918 में प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान हैफा की लड़ाई में राजस्थान के वीर सपूत मेजर दलपत सिंह देवली ने वीरता का ऐसा परिचय दिया कि उन्हें “हैफा हीरो” के नाम से जाना जाता है। 23 सितंबर 1918 को उन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर हैफा शहर को मुक्त करवाया। यह बलिदान आज भी भारत और इजराइल के रिश्तों की नींव माना जाता है। इजराइल की पाठ्यपुस्तकों में उनकी वीरगाथा पढ़ाई जाती है, जो भारत के लिए गर्व की बात है।
✦ रक्तदान शिविर : 107 यूनिट रक्त संग्रह
रक्तदान शिविर सुबह 9 बजे प्रारंभ हुआ और दिनभर चला। रावणा राजपूत महासभा अध्यक्ष सुधीर सिंह चौहान ने बताया कि इस अवसर पर कुल 107 यूनिट रक्त एकत्रित हुआ, जो बलिदान दिवस की प्रतीकात्मक संख्या को दर्शाता है। बड़ी संख्या में युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठजनों ने रक्तदान किया
✦ मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी (पुत्र सुभाष चौधरी)भाजपा नेता रहे। उन्होंने कहा कि –“हैफा हीरो मेजर दलपत सिंह देवली का बलिदान हम सभी के लिए प्रेरणा है। हमें उनके आदर्शों पर चलकर समाज और देश की सेवा करनी चाहिए।” अध्यक्षता रावणा राजपूत समाज के अध्यक्ष ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में पाली जिले के मूल सिंह गहलोत उपस्थित रहे।
✦ वैवाहिक परिचय सम्मेलन : भविष्य की नींव
समाज की अगली पीढ़ी के भविष्य निर्माण हेतु आयोजित वैवाहिक परिचय सम्मेलन में किशनगढ़, रूपनगढ़, अराई, दूदू, अजमेर, केकड़ी, जयपुर, बर सहित प्रदेशभर से अविवाहित युवक-युवतियां शामिल हुए। महासभा अध्यक्ष सुधीर सिंह चौहान ने कहा – “इस प्रकार के सम्मेलन समाज को एकता और पारदर्शिता की ओर ले जाते हैं। विवाह संबंधों में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने का यह सबसे उपयुक्त माध्यम है।
✦ शिक्षा पर जोर
समाज के मुख्य वक्ता धनराज सिंह ने युवाओं से कहा –
“आज के समय में शिक्षा ही सबसे बड़ी पूंजी है। मेजर दलपत सिंह ने अपने शौर्य से इतिहास रचा, अब हमें शिक्षा और ज्ञान से समाज को आगे बढ़ाना है।”उन्होंने छात्रावास, शिक्षण संस्थान और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सामूहिक प्रयास पर जोर दिया।
✦ समाज की भागीदारी
इस आयोजन में न केवल किशनगढ़ बल्कि आसपास के कस्बों और गांवों से भी बड़ी संख्या में समाजबंधु उपस्थित हुए। महिलाओं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। रक्तदान और परिचय सम्मेलन में युवाओं का उत्साह देखते ही बनता था।























