भीलवाड़ा ।रावणा राजपूत समाज के प्रदेशाध्यक्ष रणजीत सिंह सोडाला ने श्री अखिल रावणा राजपूत सेवा संस्थान व सर्व रावणा राजपूत सेवा संस्थान की संयुक्त बैठक में शाम की सब्जी मंडी स्थित कार्यालय पर पत्रकरो के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की।प्रदेशाध्यक्ष सोडाला ने बताया कि रावणा राजपूत समाज को लंबे समय से उप नाम दरोगा, हजूरी, वजीर नामो से जाना जाता था। इन जातिसूचक शब्दो को अपमानजनक माना जाता है। रावणा राजपूत समाज जाग चुका है। रावणा राजपूत समाज द्वारा अपनी जायज मांग राजस्व रिकॉर्ड में व ओबीसी की सूची में अंकित क्रमांक-11 में वर्णित दरोगा, हजूरी, वजीर जैसे नमो को विलोपित करने के लिए विधानसभा में भी सत्र के दौरान विधायक मदन प्रजापत, जब्बरसिंह साँखला ने प्रश्नकाल के दौरान सवाल उठाये। उसके साथ ही हमने 200 से अधिक विधायको, सांसदों, प्रधान व जनप्रतिनिधियो ने लिखित में मुख्यमंत्री को लिखित में ज्ञापन देकर सरकार से मांग की है कि रावणा राजपूत समाज को केवल एक जाति रावणा राजपूत के नाम से जाना जाये।उन्होंने ये भी कहा कि अगर सरकार ने रावणा राजपूत समाज की इस जायज मांग को नही माना तो आने वाले उप-चुनाव में रावणा राजपूत समाज द्वारा काँग्रेस को सबक सिखाएगी और लाखों की संख्या में रावणा राजपूत समाज विधानसभा का घेराव करेगा। इस प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से राजस्थान सरकार को चेतावनी दी जाती है कि रावणा राजपूत समाज को केवल रावणा राजपूत जाति के नाम से जाने व पहचाने जाने के लिये तत्काल गजट नोटिफिकेशन जारी करे अन्यथा राजस्थान में होने वाले उप-चुनावो में परिणाम को भुगतने के लिए तैयार रहे।इस दौरान रावणा राजपूत समाज जोधपुर जिलाध्यक्ष अनिल सिंह बडगुजर, सर्व रावणा राजपूत सेवा संस्थान जिलाध्यक्ष भँवर सिंह भाटी, पूर्व वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष रतन सिंह राणावत, महिला जिलाध्यक्ष निशा कँवर गौड़, पार्षद आरती शेखावत, भगवत कँवर, बाबू सिंह राणावत, एडवोकेट पीरू सिंह गौड़, राजेन्द्र सिंह शेखावत, कमल सिंह बिरधोल, बादल सिंह, श्याम सिंह खैराबाद, अमर सिंह टाक, जितेन्द्र सिंह कानावत, विजेंद्र सिंह गौड़, सुरेश सिंह बिलिया, राम सिंह सहित कई समाजबंधु मौजूद थे।
भीलवाड़ा ।रावणा राजपूत समाज के प्रदेशाध्यक्ष रणजीत सिंह सोडाला ने श्री अखिल रावणा राजपूत सेवा संस्थान व सर्व रावणा राजपूत सेवा संस्थान की संयुक्त बैठक में शाम की सब्जी मंडी स्थित कार्यालय पर पत्रकरो के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की।प्रदेशाध्यक्ष सोडाला ने बताया कि रावणा राजपूत समाज को लंबे समय से उप नाम दरोगा, हजूरी, वजीर नामो से जाना जाता था। इन जातिसूचक शब्दो को अपमानजनक माना जाता है। रावणा राजपूत समाज जाग चुका है। रावणा राजपूत समाज द्वारा अपनी जायज मांग राजस्व रिकॉर्ड में व ओबीसी की सूची में अंकित क्रमांक-11 में वर्णित दरोगा, हजूरी, वजीर जैसे नमो को विलोपित करने के लिए विधानसभा में भी सत्र के दौरान विधायक मदन प्रजापत, जब्बरसिंह साँखला ने प्रश्नकाल के दौरान सवाल उठाये। उसके साथ ही हमने 200 से अधिक विधायको, सांसदों, प्रधान व जनप्रतिनिधियो ने लिखित में मुख्यमंत्री को लिखित में ज्ञापन देकर सरकार से मांग की है कि रावणा राजपूत समाज को केवल एक जाति रावणा राजपूत के नाम से जाना जाये।उन्होंने ये भी कहा कि अगर सरकार ने रावणा राजपूत समाज की इस जायज मांग को नही माना तो आने वाले उप-चुनाव में रावणा राजपूत समाज द्वारा काँग्रेस को सबक सिखाएगी और लाखों की संख्या में रावणा राजपूत समाज विधानसभा का घेराव करेगा। इस प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से राजस्थान सरकार को चेतावनी दी जाती है कि रावणा राजपूत समाज को केवल रावणा राजपूत जाति के नाम से जाने व पहचाने जाने के लिये तत्काल गजट नोटिफिकेशन जारी करे अन्यथा राजस्थान में होने वाले उप-चुनावो में परिणाम को भुगतने के लिए तैयार रहे।इस दौरान रावणा राजपूत समाज जोधपुर जिलाध्यक्ष अनिल सिंह बडगुजर, सर्व रावणा राजपूत सेवा संस्थान जिलाध्यक्ष भँवर सिंह भाटी, पूर्व वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष रतन सिंह राणावत, महिला जिलाध्यक्ष निशा कँवर गौड़, पार्षद आरती शेखावत, भगवत कँवर, बाबू सिंह राणावत, एडवोकेट पीरू सिंह गौड़, राजेन्द्र सिंह शेखावत, कमल सिंह बिरधोल, बादल सिंह, श्याम सिंह खैराबाद, अमर सिंह टाक, जितेन्द्र सिंह कानावत, विजेंद्र सिंह गौड़, सुरेश सिंह बिलिया, राम सिंह सहित कई समाजबंधु मौजूद थे।















