राजपूत व रावणा राजपूत समाज के 24 नेताओं पर दर्ज किए गए मुकदमें हटाने और पुनः जांच की मांग ।
काली पट्टी बांधकर जताया विरोध
किशनगढ न्यूज़। रावणा राजपूत समाज ,श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ,राजपूत समाज की ओर से आनंदपाल एनकाउंटर के बाद हुए सांवराद प्रकरण में समाज के शीर्ष 24 नेताओं पर लगाये गए झूठे मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर शुक्रवार को उपखण्ड अधिकारी राजेन्द्र सिंह सिसोदिया को राज्यपाल,ओर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में बताया गया कि आनन्दपाल एनकाउंटर संदिग्ध परिस्थितियों में हुआ था।तत्कालीन राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल व राजपूत व रावणा राजपूत संघर्ष समिति के मध्य 18 जुलाई 2017 को हुए समझौते के तहत सम्बंधित प्रकरण की जांच सीबीआई से करवाने पर सहमति बनी थी। लेकिन तत्कालीन सरकार ने किन्ही कारणों से समझौते से परे जाकर राजपूत व रावणा राजपूत समाज के 24 नेताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज कर आधारहीन चार्जशीट पेश कर दी। ज्ञापन में केंद्र व राज्य सरकार से कानूनी प्रकिया के तहत समझौते से परे जाकर दर्ज किए गए झूठे मुकदमा वापस लेने की मांग की गई। इस के साथ ही काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज करवाया गया ।
इस दौरान रावणा राजपूत समाज के तहसील अध्यक्ष हनुमान सिंह पंवार ,राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना जिलाध्यक्ष शैतानसिंह धौलपुरिया ,पूर्व अध्यक्ष सज्जन सिंह चौहान ,सुरेश सिंह खातोली,नवयुवक मंडल अध्यक्ष गणपत सिंह नरुका,मीनु कंवर,विजेंदर सिंह भाटी,पूर्व नवयुवक मंडल अध्यक्ष शैतानसिंह गोड़,प्रहलाद सिंह कच्छावा,गोपाल सिंह गोड, अर्जुन सिंह पंवार,जितेन्द्र सिंह मानपुरा, बॉबी बन्ना झाग,संदीप सिंह खानपुर,प्रदीप सिंह,शेर सिंह, मोनू बन्ना, दीपेन्द्र सिंह,महेन्द्र सिंह ,ओर समाज के गणमान्य लोग मौजूद रहे।।
काली पट्टी बांधकर जताया विरोध
किशनगढ न्यूज़। रावणा राजपूत समाज ,श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ,राजपूत समाज की ओर से आनंदपाल एनकाउंटर के बाद हुए सांवराद प्रकरण में समाज के शीर्ष 24 नेताओं पर लगाये गए झूठे मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर शुक्रवार को उपखण्ड अधिकारी राजेन्द्र सिंह सिसोदिया को राज्यपाल,ओर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में बताया गया कि आनन्दपाल एनकाउंटर संदिग्ध परिस्थितियों में हुआ था।तत्कालीन राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल व राजपूत व रावणा राजपूत संघर्ष समिति के मध्य 18 जुलाई 2017 को हुए समझौते के तहत सम्बंधित प्रकरण की जांच सीबीआई से करवाने पर सहमति बनी थी। लेकिन तत्कालीन सरकार ने किन्ही कारणों से समझौते से परे जाकर राजपूत व रावणा राजपूत समाज के 24 नेताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज कर आधारहीन चार्जशीट पेश कर दी। ज्ञापन में केंद्र व राज्य सरकार से कानूनी प्रकिया के तहत समझौते से परे जाकर दर्ज किए गए झूठे मुकदमा वापस लेने की मांग की गई। इस के साथ ही काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज करवाया गया ।
इस दौरान रावणा राजपूत समाज के तहसील अध्यक्ष हनुमान सिंह पंवार ,राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना जिलाध्यक्ष शैतानसिंह धौलपुरिया ,पूर्व अध्यक्ष सज्जन सिंह चौहान ,सुरेश सिंह खातोली,नवयुवक मंडल अध्यक्ष गणपत सिंह नरुका,मीनु कंवर,विजेंदर सिंह भाटी,पूर्व नवयुवक मंडल अध्यक्ष शैतानसिंह गोड़,प्रहलाद सिंह कच्छावा,गोपाल सिंह गोड, अर्जुन सिंह पंवार,जितेन्द्र सिंह मानपुरा, बॉबी बन्ना झाग,संदीप सिंह खानपुर,प्रदीप सिंह,शेर सिंह, मोनू बन्ना, दीपेन्द्र सिंह,महेन्द्र सिंह ,ओर समाज के गणमान्य लोग मौजूद रहे।।
















